Ha Mujhe Bhi Pyar Ho Gya Hai | Poetry | Shiv Kumar | Gtalks

 Ha Mujhe Bhi Pyar Ho Gya Hai इस Poetry के लेखक Shiv Kumar जिन्होंने बेहद ही खूबसूरती से Gtalks के Label तहत इसे प्रस्तुत किया है। 
Ha Mujhe Bhi Pyar Ho Gya Hai
Ha Mujhe Bhi Pyar Ho Gya Hai

ना जाने ये कैसा इत्तेफ़ाक़ हो गया है

तेरा आम से चेहरा क्यों इतना खास हो गया है 

और जब भी उठाता हु पेन मैं लिख जाता है तेरा ही नाम 

शायद मुझे तेरे नाम से प्यार हो गया है 


घुमा करते है हम तेरी गलियों मैं 

दिख जाये बस एक पल को तू 

और जो न दिखे कभी तो

तेरे घर को ही देख कर खुस हो जाया करते है

शायद मुझे तेरे घर से भी प्यार हो गया है


तेरे नजरो का मेरी आंख पर जो वॉर हो गया है

पड़ोसियों के भी अब शख का सार हो गया है

तुजसे मिलवाने लेकर जाती है जो ये सड़क

मुझे इस सड़क से भी प्यार हो गया है 


मेरे बारे मैं फैली अफवाहों पर यकीं या ना कर ये मर्जी तेरी है

और तेरे #Status और #Stories पर जो रूकती उंगलि मेरी है 

ये भी अहसास समझती है सारे जज्बात जो लिखती है

शायद इसे तेरे #Whatsapp ,#Instagram से भी प्यार हो गया है


तेरी नादानी और बचपना अब अखरता नहीं 

बात करते करते फ़ोन पर ही सो जाना ना गवार गुजरता नहीं

तेरा शैतानी वाला झूट भी अब सच्चा लगने लगा है 

और अब तेरे नाम से मुझे बुलाया जाना अब अच्छा लगने लगा है

शायद मुझे तुजसे जुडी हर एक बात से प्यार हो गया है 


 जिंदगी लगती थी हमको वीरान 

खुदसे भी नहीं था हमको प्यार 

लेकिन जबसे तूने मुझे अपनी जान कहकर

अपने जीने की वजह बनाया है 

शायद मुझे खुद से भी प्यार हो गया है 


जिस कविता के कारण ये कविता जन्मी है 

वो कहि खो चुकी है 

और जिस लड़की से मुझे प्यार हुआ था अब वो बड़ी हो चुकी है 

और ये जो शब्द सुन रहे हो ना आप लीन होकर ये तुड़वा कर आया हु

और एक एक शब्द दिल से निकाल कर जुबां पर लाया हु


 खैर अब तू नहीं थो क्या हुआ तेरे अहसास तो है

मेरे शब्दों मैं तेरे अलफ़ाज़ तो है

मेरी आँखों न सही तेरी आँखों मैं ही सही 

मगर नींद तो है ,झूटी है तो क्या हुआ उम्मीद तो है 

ये कुछ ख्याल आते है

जो सब कुछ पहले जैसे होने का दिलाशा देकर चले जाते है 

शायद मुझे इन तेरे झूठे दिलाशो से भी प्यार हो गया है 

है मुझे भी प्यार हो गया है 


उम्मीद करते है दोस्तों Shiv Kumar की यह Poetry "Ha Mujhe Bhi Pyar Ho Gya Hai" आपको बेहद पसंद आयी होगी, Gtalks द्वारा प्रस्तुत इस काव्य को पढ़ने के लिए धन्यवाद। 

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